लड़की चली लन्दन 2
मुंबई से हीथ्रो तक मेरी फ्लाइट वाया दुबई थी ..रात के एक बज रहे थे. मैं एअरपोर्ट पर टाइम पास कर रही थी. करेंसी एक्सचेंज, और यूके की फ़ोन सिम देने के स्टाल थे जो बुला बुला कर आपकी मदद करना चाह रहे थे. लेकिन २०० पौंड मैंने पहले ही लोखंडवाला में एक्सचेंज करवा लिए थे. उसका बिल भी साथ रखा कि हो सकता है एअरपोर्ट पर कोई मांग ले. बाकि पैसे मैंने फोरेक्स कार्ड में लोड करवा लिए थे जो मुझे मेरी बैंक से आसानी से मिल गया था. प्रीती ने बता दिया था की यहाँ सब कैशलेस है इसलिए कैश केरी करने की ज़रुरत नहीं है. वहां जाने के बाद पता भी चल गया की वहां बस बिखारी को देने के लिए ही कैश लगता है बाकि सब कुछ कार्ड से पे कर सकते हैं. खैर सिम कार्ड के उसने 3,500 रुपये मांगे. स्साल्ला .. इतना तो मेरे ६ महीने का बिल होता है. मैंने तुरंत डीसाईड किया की नहीं लेना .. वहीँ देख लेंगे जो होगा. थोडा थक गयी थी तो वेटिंग एरिया में जाकर बैठ गयी. व्हाट्सप पर गौरव का वौइस् नोट था. 'जा सिमरन जा जी ले अपनी ज़िन्दगी' मेरे साथ साथ मेरे आस पास वालों ने भी सुन लिया. आंटी मुझे देख कर मुस्कुराने लगीं....